
१७ जुन २०२६
ने.सं. ११४६ तछलाथ्व तृतीया
शक संवत् १९४८ (पराभव संवत्सर)
पञ्चक छैन
अग्निवास पृथ्वी (शुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ८.४% प्रकाश (शुक्ल पक्ष (१ कला - चन्द्रकला वृद्धि))
सूर्योदय: ५:०९ AM, सूर्यास्त: ७:०२ PM
दिनमान: १३ घण्टा ५३ मिनेट (३४ घटी ४४ पला), रात्रिमान: १० घण्टा ७ मिनेट (२५ घटी १७ पला)
चन्द्रोदय: बुधबार राति १:२६ AM, चन्द्रास्त: बुधबार दिउँसो ३:४३ PM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | कन्या(६) | ०° ५८' | उत्तराफाल्गुनी(२)-सूर्य | मृत | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | मिथुन(३) | १° ५१' | मृगशीर्ष(३)-मङ्गल | बाल | DK(दारक) | समदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र🪷 | कर्कट(४) | २° १०' | पुनर्वसु(४)-बृहस्पति | मृत | GK(ज्ञाति) | स्वराशिवर्गोत्तम पुष्कर | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल🪷 | मेष(१) | २७° २७' | कृत्तिका(१)-सूर्य | मृत | AK(आत्म) | स्वराशिपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
☿️बुध🪷 | मिथुन(३) | २६° १८' | पुनर्वसु(२)-बृहस्पति | मृत | AmK(अमात्य) | स्वराशिपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
♃बृहस्पति🪷 | कर्कट(४) | ३° २' | पुनर्वसु(४)-बृहस्पति | मृत | PK(पुत्र) | उच्चवर्गोत्तम पुष्कर | मार्गी (D)उदय |
♀️शुक्र | कर्कट(४) | १०° १२' | पुष्य(३)-शनि | वृद्ध | MK(मातृ) | शत्रु | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि | मीन(१२) | १९° १३' | रेवती(१)-बुध | कुमार | BK(भ्रातृ) | समदिग्बली | मार्गी (D)उदय |
☊राहु | कुम्भ(११) | ७° ४६' | शतभिषा(१)-राहु | कुमार | -- | मित्र | वक्री (R) |
☋केतु | सिंह(५) | ७° ४६' | मघा(३)-केतु | कुमार | -- | शत्रु | वक्री (R) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।