
४ जनवरी २०२६
ने.सं. ११४६ पोहेलागा द्वितीया
शक संवत् १९४७ (विश्ववासु संवत्सर)
अग्नि पञ्चक (आगलागी, दुर्घटना)
अग्निवास पृथ्वी (शुभ)
अयन: दक्षिणायन
चन्द्रकला: ९८.३% प्रकाश (पूर्णिमा (पूर्ण चन्द्र - १६ कला))
सूर्योदय: ६:५६ AM, सूर्यास्त: ५:२२ PM
दिनमान: १० घण्टा २६ मिनेट (२६ घटी ६ पला), रात्रिमान: १३ घण्टा ३४ मिनेट (३३ घटी ५४ पला)
चन्द्रोदय: आइतबार दिउँसो १२:३९ PM, चन्द्रास्त: आइतबार राति २:०१ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | मीन(१२) | २३° ५३' | रेवती(३)-बुध | कुमार | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | धनु(९) | १९° ४०' | पूर्वाषाढा(२)-शुक्र | वृद्ध | BK(भ्रातृ) | मित्रदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र🪷 | कर्कट(४) | १° १४' | पुनर्वसु(४)-बृहस्पति | मृत | DK(दारक) | स्वराशिवर्गोत्तम पुष्कर | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल🪷 | धनु(९) | २०° ५८' | पूर्वाषाढा(३)-शुक्र | वृद्ध | AmK(अमात्य) | मित्रपुष्करदिग्बली | मार्गी (D)अस्त |
☿️बुध | धनु(९) | ९° २६' | मूला(३)-केतु | कुमार | PK(पुत्र) | सम | मार्गी (D)अस्त |
♃बृहस्पति | मिथुन(३) | २६° ४२' | पुनर्वसु(३)-बृहस्पति | मृत | AK(आत्म) | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री (R)उदय |
♀️शुक्र | धनु(९) | १९° ५' | पूर्वाषाढा(२)-शुक्र | वृद्ध | MK(मातृ) | सम | मार्गी (D)अस्त |
🪐शनि🪷 | मीन(१२) | २° ८' | पूर्वभाद्रपदा(४)-बृहस्पति | मृत | GK(ज्ञाति) | समपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
☊राहु | कुम्भ(११) | १६° १४' | शतभिषा(३)-राहु | युवा | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री (R) |
☋केतु | सिंह(५) | १६° १४' | पूर्वाफाल्गुनी(१)-शुक्र | युवा | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री (R) |
प्रतिपदा चन्द्र महिनाको पहिलो तिथि हो। यसका स्वामी अग्नि हुन्। नयाँ कार्यको थालनी, गृह प्रवेश र धार्मिक अनुष्ठानका लागि यो दिन अत्यन्तै शुभ मानिन्छ। यसले नयाँ उत्साह र संकल्पको उदय गराउँछ।