
१ फेब्रुअरी २०२६
ने.सं. ११४६ सिल्लाथ्व पूर्णिमा
शक संवत् १९४७ (विश्ववासु संवत्सर)
पञ्चक छैन
अग्निवास पृथ्वी (शुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ९९.७% प्रकाश (पूर्णिमा (पूर्ण चन्द्र - १६ कला))
सूर्योदय: ६:५१ AM, सूर्यास्त: ५:४५ PM
दिनमान: १० घण्टा ५३ मिनेट (२७ घटी १३ पला), रात्रिमान: १३ घण्टा ६ मिनेट (३२ घटी ४६ पला)
चन्द्रोदय: आइतबार बिहान ११:२५ AM, चन्द्रास्त: आइतबार राति १२:३७ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | मेष(१) | २८° ५२' | कृत्तिका(१)-सूर्य | मृत | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | मकर(१०) | १८° ९' | श्रवण(३)-चन्द्र | कुमार | MK(मातृ) | शत्रुदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र🪷 | कर्कट(४) | ९° २५' | पुष्य(२)-शनि | वृद्ध | GK(ज्ञाति) | स्वराशिपुष्करदिग्बली | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | मकर(१०) | १२° ४२' | श्रवण(१)-चन्द्र | युवा | PK(पुत्र) | उच्चदिग्बली | मार्गी (D)अस्त |
☿️बुध | मकर(१०) | २५° ४२' | धनिष्ठा(१)-मङ्गल | बाल | AK(आत्म) | सम | मार्गी (D)अस्त |
♃बृहस्पति | मिथुन(३) | २३° ६' | पुनर्वसु(१)-बृहस्पति | वृद्ध | BK(भ्रातृ) | शत्रु | वक्री (R)उदय |
♀️शुक्र | मकर(१०) | २४° १६' | धनिष्ठा(१)-मङ्गल | बाल | AmK(अमात्य) | मित्र | मार्गी (D)अस्त |
🪐शनि | मीन(१२) | ४° २६' | उत्तरभाद्रपदा(१)-शनि | मृत | DK(दारक) | सम | मार्गी (D)उदय |
☊राहु | कुम्भ(११) | १४° ५२' | शतभिषा(३)-राहु | युवा | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री (R) |
☋केतु | सिंह(५) | १४° ५२' | पूर्वाफाल्गुनी(१)-शुक्र | युवा | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री (R) |
पूर्णिमा (चन्द्र महिनाको अन्तिम दिन) का स्वामी चन्द्रमा हुन्। यो तिथि पूर्णता, समृद्धि र आध्यात्मिक आनन्दको प्रतीक हो। यस दिन सत्यनारायण पूजा र दान कार्य निकै शुभ मानिन्छ।