
६ मार्च २०२६
ने.सं. ११४६ चिल्लागा तृतीया
शक संवत् १९४७ (विश्ववासु संवत्सर)
राज पञ्चक (उच्च जोखिम)
अग्निवास पृथ्वी (शुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ९०.५% प्रकाश (कृष्ण पक्ष (१४ कला - चन्द्रकला क्षय))
सूर्योदय: ६:२५ AM, सूर्यास्त: ६:०८ PM
दिनमान: ११ घण्टा ४३ मिनेट (२९ घटी १८ पला), रात्रिमान: १२ घण्टा १६ मिनेट (३० घटी ४० पला)
चन्द्रोदय: शुक्रबार दिउँसो ३:०९ PM, चन्द्रास्त: शुक्रबार राति १:५८ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | मिथुन(३) | २° १८' | मृगशीर्ष(३)-मङ्गल | बाल | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | कुम्भ(११) | २१° २७' | पूर्वभाद्रपदा(१)-बृहस्पति | वृद्ध | BK(भ्रातृ) | शत्रु | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | कन्या(६) | २४° ३०' | चित्रा(१)-मङ्गल | बाल | AK(आत्म) | मित्रदिग्बली | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | कुम्भ(११) | ८° ३९' | शतभिषा(१)-राहु | कुमार | PK(पुत्र) | सम | मार्गी (D)अस्त |
☿️बुध🪷 | कुम्भ(११) | २३° ५०' | पूर्वभाद्रपदा(२)-बृहस्पति | वृद्ध | AmK(अमात्य) | समपुष्कर | वक्री (R)अस्त |
♃बृहस्पति | मिथुन(३) | २०° ५४' | पुनर्वसु(१)-बृहस्पति | वृद्ध | MK(मातृ) | शत्रुदिग्बली | वक्री (R)उदय |
♀️शुक्र | मीन(१२) | ५° ३२' | उत्तरभाद्रपदा(१)-शनि | मृत | DK(दारक) | उच्च | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि🪷 | मीन(१२) | ८° ७' | उत्तरभाद्रपदा(२)-शनि | वृद्ध | GK(ज्ञाति) | समपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
☊राहु | कुम्भ(११) | १४° ४४' | शतभिषा(३)-राहु | युवा | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री (R) |
☋केतु | सिंह(५) | १४° ४४' | पूर्वाफाल्गुनी(१)-शुक्र | युवा | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री (R) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।