
४ मार्च २०२६
ने.सं. ११४६ चिल्लागा द्वितीया
शक संवत् १९४७ (विश्ववासु संवत्सर)
अग्नि पञ्चक (आगलागी, दुर्घटना)
अग्निवास पृथ्वी (शुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ९८.८% प्रकाश (पूर्णिमा (पूर्ण चन्द्र - १६ कला))
सूर्योदय: ६:२७ AM, सूर्यास्त: ६:०६ PM
दिनमान: ११ घण्टा ४० मिनेट (२९ घटी ९ पला), रात्रिमान: १२ घण्टा १९ मिनेट (३० घटी ४८ पला)
चन्द्रोदय: बुधबार दिउँसो १:१७ PM, चन्द्रास्त: बुधबार राति १२:५९ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | मिथुन(३) | ०° २७' | मृगशीर्ष(३)-मङ्गल | बाल | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य🪷 | कुम्भ(११) | १९° २७' | शतभिषा(४)-राहु | वृद्ध | MK(मातृ) | शत्रुपुष्कर | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र🪷 | सिंह(५) | २८° ५४' | उत्तराफाल्गुनी(१)-सूर्य | मृत | AK(आत्म) | मित्रपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | कुम्भ(११) | ७° ५' | शतभिषा(१)-राहु | कुमार | GK(ज्ञाति) | सम | मार्गी (D)अस्त |
☿️बुध🪷 | कुम्भ(११) | २५° ३९' | पूर्वभाद्रपदा(२)-बृहस्पति | मृत | AmK(अमात्य) | समपुष्कर | वक्री (R)अस्त |
♃बृहस्पति | मिथुन(३) | २०° ५६' | पुनर्वसु(१)-बृहस्पति | वृद्ध | BK(भ्रातृ) | शत्रुदिग्बली | वक्री (R)उदय |
♀️शुक्र🪷 | मीन(१२) | ३° ३' | पूर्वभाद्रपदा(४)-बृहस्पति | मृत | DK(दारक) | उच्चपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि🪷 | मीन(१२) | ७° ५३' | उत्तरभाद्रपदा(२)-शनि | वृद्ध | PK(पुत्र) | समपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
☊राहु | कुम्भ(११) | १४° ४५' | शतभिषा(३)-राहु | युवा | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री (R) |
☋केतु | सिंह(५) | १४° ४५' | पूर्वाफाल्गुनी(१)-शुक्र | युवा | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री (R) |
प्रतिपदा चन्द्र महिनाको पहिलो तिथि हो। यसका स्वामी अग्नि हुन्। नयाँ कार्यको थालनी, गृह प्रवेश र धार्मिक अनुष्ठानका लागि यो दिन अत्यन्तै शुभ मानिन्छ। यसले नयाँ उत्साह र संकल्पको उदय गराउँछ।