
५ अप्रिल २०२६
ने.सं. ११४६ चौलागा चतुर्थी
शक संवत् १९४७ (विश्ववासु संवत्सर)
राज पञ्चक (उच्च जोखिम)
अग्निवास आकाश/पाताल (अशुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ८९.०% प्रकाश (कृष्ण पक्ष (१४ कला - चन्द्रकला क्षय))
सूर्योदय: ५:५१ AM, सूर्यास्त: ६:२३ PM
दिनमान: १२ घण्टा ३३ मिनेट (३१ घटी २१ पला), रात्रिमान: ११ घण्टा २६ मिनेट (२८ घटी ३६ पला)
चन्द्रोदय: आइतबार दिउँसो ३:४८ PM, चन्द्रास्त: आइतबार राति १:३५ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | मिथुन(३) | २८° ३३' | पुनर्वसु(३)-बृहस्पति | मृत | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | मीन(१२) | २१° १४' | रेवती(२)-बुध | कुमार | MK(मातृ) | मित्रदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | तुला(७) | २७° ७' | विशाखा(३)-बृहस्पति | मृत | AK(आत्म) | सम | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल🪷 | मीन(१२) | २° १३' | पूर्वभाद्रपदा(४)-बृहस्पति | मृत | DK(दारक) | मित्रपुष्करदिग्बली | मार्गी (D)उदय |
☿️बुध🪷 | कुम्भ(११) | २३° ३१' | पूर्वभाद्रपदा(२)-बृहस्पति | वृद्ध | AmK(अमात्य) | समपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
♃बृहस्पति | मिथुन(३) | २१° ५१' | पुनर्वसु(१)-बृहस्पति | वृद्ध | BK(भ्रातृ) | शत्रुदिग्बली | मार्गी (D)उदय |
♀️शुक्र | मेष(१) | १२° ३९' | अश्विनी(४)-केतु | युवा | PK(पुत्र) | सम | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि | मीन(१२) | ११° ५१' | उत्तरभाद्रपदा(३)-शनि | वृद्ध | GK(ज्ञाति) | सम | मार्गी (D)अस्त |
☊राहु | कुम्भ(११) | १४° ९' | शतभिषा(३)-राहु | युवा | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री (R) |
☋केतु | सिंह(५) | १४° ९' | पूर्वाफाल्गुनी(१)-शुक्र | युवा | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री (R) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।