
३१ मार्च २०२६
ने.सं. ११४६ चौलाथ्व चतुर्दशी
शक संवत् १९४७ (विश्ववासु संवत्सर)
रोग पञ्चक (स्वास्थ्य समस्या)
अग्निवास आकाश/पाताल (अशुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ९७.४% प्रकाश (शुक्ल पक्ष (१६ कला - चन्द्रकला वृद्धि))
सूर्योदय: ५:५६ AM, सूर्यास्त: ६:२१ PM
दिनमान: १२ घण्टा २४ मिनेट (३१ घटी १ पला), रात्रिमान: ११ घण्टा ३४ मिनेट (२८ घटी ५६ पला)
चन्द्रोदय: मंगलबार बिहान ११:०६ AM, चन्द्रास्त: मंगलबार राति ११:२९ PM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | मिथुन(३) | २४° १८' | पुनर्वसु(२)-बृहस्पति | मृत | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | मीन(१२) | १६° १९' | उत्तरभाद्रपदा(४)-शनि | युवा | PK(पुत्र) | मित्रदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | सिंह(५) | २४° ४३' | पूर्वाफाल्गुनी(४)-शुक्र | मृत | AmK(अमात्य) | मित्र | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | कुम्भ(११) | २८° १८' | पूर्वभाद्रपदा(३)-बृहस्पति | मृत | AK(आत्म) | सम | मार्गी (D)उदय |
☿️बुध🪷 | कुम्भ(११) | १८° ५१' | शतभिषा(४)-राहु | वृद्ध | MK(मातृ) | समपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
♃बृहस्पति | मिथुन(३) | २१° ३०' | पुनर्वसु(१)-बृहस्पति | वृद्ध | BK(भ्रातृ) | शत्रुदिग्बली | मार्गी (D)उदय |
♀️शुक्र | मेष(१) | ६° ३०' | अश्विनी(२)-केतु | कुमार | DK(दारक) | सम | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि | मीन(१२) | ११° १३' | उत्तरभाद्रपदा(३)-शनि | वृद्ध | GK(ज्ञाति) | सम | मार्गी (D)अस्त |
☊राहु | कुम्भ(११) | १४° ३३' | शतभिषा(३)-राहु | युवा | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री (R) |
☋केतु | सिंह(५) | १४° ३३' | पूर्वाफाल्गुनी(१)-शुक्र | युवा | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री (R) |
त्रयोदशी तिथिका स्वामी भगवान शिव हुन्। यस दिन प्रदोष व्रत पर्दछ, जसले भगवान शिवको विशेष कृपा र मानसिक शान्ति प्रदान गर्दछ।