
२१ मार्च २०२६
ने.सं. ११४६ चौलाथ्व तृतीया
शक संवत् १९४७ (विश्ववासु संवत्सर)
पञ्चक छैन
अग्निवास पृथ्वी (शुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ७.९% प्रकाश (शुक्ल पक्ष (१ कला - चन्द्रकला वृद्धि))
सूर्योदय: ६:०८ AM, सूर्यास्त: ६:१६ PM
दिनमान: १२ घण्टा ८ मिनेट (३० घटी २० पला), रात्रिमान: ११ घण्टा ५१ मिनेट (२९ घटी ३७ पला)
चन्द्रोदय: शनिबार राति १:२९ AM, चन्द्रास्त: शनिबार दिउँसो ३:०३ PM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | मिथुन(३) | १५° ४१' | आर्द्रा(३)-राहु | युवा | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | मीन(१२) | ६° २४' | उत्तरभाद्रपदा(१)-शनि | वृद्ध | GK(ज्ञाति) | मित्रदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | मेष(१) | ५° ३४' | अश्विनी(२)-केतु | बाल | DK(दारक) | सम | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | कुम्भ(११) | २०° २८' | पूर्वभाद्रपदा(१)-बृहस्पति | वृद्ध | BK(भ्रातृ) | सम | मार्गी (D)अस्त |
☿️बुध | कुम्भ(११) | १४° १६' | शतभिषा(३)-राहु | युवा | MK(मातृ) | समवर्गोत्तम | मार्गी (D)उदय |
♃बृहस्पति | मिथुन(३) | २१° १' | पुनर्वसु(१)-बृहस्पति | वृद्ध | AmK(अमात्य) | शत्रुदिग्बली | मार्गी (D)उदय |
♀️शुक्र | मीन(१२) | २४° ९' | रेवती(३)-बुध | बाल | AK(आत्म) | उच्च | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि🪷 | मीन(१२) | ९° ५८' | उत्तरभाद्रपदा(२)-शनि | वृद्ध | PK(पुत्र) | समपुष्कर | मार्गी (D)अस्त |
☊राहु | कुम्भ(११) | १४° ३९' | शतभिषा(३)-राहु | युवा | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री (R) |
☋केतु | सिंह(५) | १४° ३९' | पूर्वाफाल्गुनी(१)-शुक्र | युवा | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री (R) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।