
१ फेब्रुअरी २०२५
ने.सं. ११४५ सिल्लाथ्व चतुर्थी
शक संवत् १९४६ (क्रोधि संवत्सर)
मृत्यु पञ्चक (हानि नोक्सानी)
अग्निवास आकाश/पाताल (अशुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ११.३% प्रकाश (शुक्ल पक्ष (२ कला - चन्द्रकला वृद्धि))
सूर्योदय: ६:५१ AM, सूर्यास्त: ५:४५ PM
दिनमान: १० घण्टा ५३ मिनेट (२७ घटी १४ पला), रात्रिमान: १३ घण्टा ६ मिनेट (३२ घटी ४५ पला)
चन्द्रोदय: शनिबार राति २:५९ AM, चन्द्रास्त: शनिबार दिउँसो ३:०१ PM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | मेष(१) | २९° ९' | कृत्तिका(१)-सूर्य | मृत | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | मकर(१०) | १८° २५' | श्रवण(३)-चन्द्र | कुमार | MK(मातृ) | शत्रुदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र🪷 | कुम्भ(११) | २४° २९' | पूर्वभाद्रपदा(२)-बृहस्पति | मृत | AmK(अमात्य) | समपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल🪷 | मिथुन(३) | २६° १०' | पुनर्वसु(२)-बृहस्पति | मृत | AK(आत्म) | शत्रुपुष्कर | वक्री (R)उदय |
☿️बुध | मकर(१०) | १२° ३६' | श्रवण(१)-चन्द्र | युवा | GK(ज्ञाति) | सम | मार्गी (D)अस्त |
♃बृहस्पति | वृष(२) | १७° ५' | रोहिणी(३)-चन्द्र | युवा | PK(पुत्र) | शत्रु | वक्री (R)उदय |
♀️शुक्र | मीन(१२) | ३° २६' | उत्तरभाद्रपदा(१)-शनि | मृत | DK(दारक) | उच्च | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि | कुम्भ(११) | २३° १४' | पूर्वभाद्रपदा(१)-बृहस्पति | वृद्ध | BK(भ्रातृ) | स्वराशि | मार्गी (D)उदय |
☊राहु | मीन(१२) | ३° ५७' | उत्तरभाद्रपदा(१)-शनि | मृत | -- | सम | वक्री (R) |
☋केतु | कन्या(६) | ३° ५७' | उत्तराफाल्गुनी(३)-सूर्य | मृत | -- | सम | वक्री (R) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।