
४ नोभेम्बर २०२४
ने.सं. ११४५ कछलाथ्व तृतीया
शक संवत् १९४६ (क्रोधि संवत्सर)
मृत्यु पञ्चक (हानि नोक्सानी)
अग्निवास आकाश/पाताल (अशुभ)
अयन: दक्षिणायन
चन्द्रकला: ८.३% प्रकाश (शुक्ल पक्ष (१ कला - चन्द्रकला वृद्धि))
सूर्योदय: ६:१७ AM, सूर्यास्त: ५:१९ PM
दिनमान: ११ घण्टा १ मिनेट (२७ घटी ३३ पला), रात्रिमान: १२ घण्टा ५९ मिनेट (३२ घटी २९ पला)
चन्द्रोदय: सोमबार राति ३:०० AM, चन्द्रास्त: सोमबार दिउँसो १:१५ PM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | मकर(१०) | ५° ३२' | उत्तराषाढा(३)-सूर्य | मृत | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य🪷 | तुला(७) | १८° ७' | स्वाति(४)-राहु | वृद्ध | PK(पुत्र) | नीचपुष्करदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | वृश्चिक(८) | १८° ३३' | ज्येष्ठा(१)-बुध | कुमार | MK(मातृ) | नीच | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | कर्कट(४) | ५° ४९' | पुष्य(१)-शनि | मृत | DK(दारक) | नीच | मार्गी (D)उदय |
☿️बुध🪷 | वृश्चिक(८) | ७° ४८' | अनुराधा(२)-शनि | वृद्ध | GK(ज्ञाति) | समपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
♃बृहस्पति | वृष(२) | २६° १' | मृगशीर्ष(१)-मङ्गल | बाल | AmK(अमात्य) | शत्रु | वक्री (R)उदय |
♀️शुक्र | वृश्चिक(८) | २६° ४८' | ज्येष्ठा(४)-बुध | बाल | AK(आत्म) | सम | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि🪷 | कुम्भ(११) | १८° ३६' | शतभिषा(४)-राहु | वृद्ध | BK(भ्रातृ) | मूलत्रिकोणपुष्कर | वक्री (R)उदय |
☊राहु | मीन(१२) | ११° ५४' | उत्तरभाद्रपदा(३)-शनि | वृद्ध | -- | सम | वक्री (R) |
☋केतु | कन्या(६) | ११° ५४' | हस्त(१)-चन्द्र | वृद्ध | -- | सम | वक्री (R) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।