
२० अक्टोबर २०२४
ने.सं. ११४५ कछलागा चतुर्थी
शक संवत् १९४६ (क्रोधि संवत्सर)
राज पञ्चक (उच्च जोखिम)
अग्निवास आकाश/पाताल (अशुभ)
अयन: दक्षिणायन
चन्द्रकला: ८७.१% प्रकाश (कृष्ण पक्ष (१४ कला - चन्द्रकला क्षय))
सूर्योदय: ६:०७ AM, सूर्यास्त: ५:३१ PM
दिनमान: ११ घण्टा २३ मिनेट (२८ घटी २९ पला), रात्रिमान: १२ घण्टा ३७ मिनेट (३१ घटी ३३ पला)
चन्द्रोदय: आइतबार दिउँसो १:५४ PM, चन्द्रास्त: आइतबार राति ३:२५ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | धनु(९) | २०° १०' | पूर्वाषाढा(३)-शुक्र | वृद्ध | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | तुला(७) | ३° ८' | चित्रा(३)-मङ्गल | बाल | DK(दारक) | नीचवर्गोत्तम | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | वृष(२) | ११° ५६' | रोहिणी(१)-चन्द्र | वृद्ध | PK(पुत्र) | उच्च | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | मिथुन(३) | २९° ५७' | पुनर्वसु(३)-बृहस्पति | मृत | AK(आत्म) | शत्रुवर्गोत्तम | मार्गी (D)उदय |
☿️बुध | तुला(७) | १५° ५५' | स्वाति(३)-राहु | युवा | MK(मातृ) | मित्र | मार्गी (D)अस्त |
♃बृहस्पति | वृष(२) | २६° ५६' | मृगशीर्ष(२)-मङ्गल | बाल | AmK(अमात्य) | शत्रु | वक्री (R)उदय |
♀️शुक्र🪷 | वृश्चिक(८) | ८° ४५' | अनुराधा(२)-शनि | वृद्ध | GK(ज्ञाति) | समपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि🪷 | कुम्भ(११) | १९° ४' | शतभिषा(४)-राहु | वृद्ध | BK(भ्रातृ) | मूलत्रिकोणपुष्कर | वक्री (R)उदय |
☊राहु | मीन(१२) | १२° १८' | उत्तरभाद्रपदा(३)-शनि | युवा | -- | सम | वक्री (R) |
☋केतु | कन्या(६) | १२° १८' | हस्त(१)-चन्द्र | युवा | -- | सम | वक्री (R) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।