
२ मार्च २०२५
ने.सं. ११४५ चिल्लाथ्व तृतीया
शक संवत् १९४६ (क्रोधि संवत्सर)
पञ्चक छैन
अग्निवास पृथ्वी (शुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ८.६% प्रकाश (शुक्ल पक्ष (१ कला - चन्द्रकला वृद्धि))
सूर्योदय: ६:२८ AM, सूर्यास्त: ६:०५ PM
दिनमान: ११ घण्टा ३७ मिनेट (२९ घटी २ पला), रात्रिमान: १२ घण्टा २२ मिनेट (३० घटी ५५ पला)
चन्द्रोदय: आइतबार राति २:०३ AM, चन्द्रास्त: आइतबार दिउँसो २:५६ PM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | वृष(२) | २८° ४९' | मृगशीर्ष(२)-मङ्गल | बाल | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य🪷 | कुम्भ(११) | १७° ४२' | शतभिषा(४)-राहु | युवा | PK(पुत्र) | शत्रुपुष्करदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | मीन(१२) | १८° २२' | रेवती(१)-बुध | कुमार | BK(भ्रातृ) | सम | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | मिथुन(३) | २३° २' | पुनर्वसु(१)-बृहस्पति | वृद्ध | AmK(अमात्य) | शत्रु | मार्गी (D)उदय |
☿️बुध | मीन(१२) | ४° ५' | उत्तरभाद्रपदा(१)-शनि | मृत | DK(दारक) | नीच | मार्गी (D)उदय |
♃बृहस्पति | वृष(२) | १८° १०' | रोहिणी(३)-चन्द्र | कुमार | MK(मातृ) | शत्रुदिग्बली | मार्गी (D)उदय |
♀️शुक्र | मीन(१२) | १६° ३७' | उत्तरभाद्रपदा(४)-शनि | युवा | GK(ज्ञाति) | उच्च | वक्री (R)उदय |
🪐शनि🪷 | कुम्भ(११) | २६° ३८' | पूर्वभाद्रपदा(२)-बृहस्पति | मृत | AK(आत्म) | स्वराशिपुष्कर | मार्गी (D)अस्त |
☊राहु🪷 | मीन(१२) | ३° ११' | पूर्वभाद्रपदा(४)-बृहस्पति | मृत | -- | समपुष्कर | मार्गी (D) |
☋केतु | कन्या(६) | ३° ११' | उत्तराफाल्गुनी(२)-सूर्य | मृत | -- | सम | मार्गी (D) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।