
१५ फेब्रुअरी २०२५
ने.सं. ११४५ सिल्लागा तृतीया
शक संवत् १९४६ (क्रोधि संवत्सर)
पञ्चक छैन
अग्निवास पृथ्वी (शुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ९१.९% प्रकाश (कृष्ण पक्ष (१५ कला - चन्द्रकला क्षय))
सूर्योदय: ६:४२ AM, सूर्यास्त: ५:५५ PM
दिनमान: ११ घण्टा १३ मिनेट (२८ घटी ३ पला), रात्रिमान: १२ घण्टा ४६ मिनेट (३१ घटी ५५ पला)
चन्द्रोदय: शनिबार दिउँसो २:४२ PM, चन्द्रास्त: शनिबार राति २:२३ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | वृष(२) | १४° ११' | रोहिणी(२)-चन्द्र | युवा | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | कुम्भ(११) | २° ३६' | धनिष्ठा(३)-मङ्गल | बाल | DK(दारक) | शत्रुदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | कन्या(६) | ३° १' | उत्तराफाल्गुनी(२)-सूर्य | मृत | GK(ज्ञाति) | मित्र | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | मिथुन(३) | २३° १८' | पुनर्वसु(१)-बृहस्पति | वृद्ध | AmK(अमात्य) | शत्रु | वक्री (R)उदय |
☿️बुध | कुम्भ(११) | ७° १०' | शतभिषा(१)-राहु | कुमार | PK(पुत्र) | सम | मार्गी (D)अस्त |
♃बृहस्पति | वृष(२) | १७° १६' | रोहिणी(३)-चन्द्र | युवा | BK(भ्रातृ) | शत्रुदिग्बली | मार्गी (D)उदय |
♀️शुक्र | मीन(१२) | १२° ३९' | उत्तरभाद्रपदा(३)-शनि | युवा | MK(मातृ) | उच्च | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि🪷 | कुम्भ(११) | २४° ४९' | पूर्वभाद्रपदा(२)-बृहस्पति | मृत | AK(आत्म) | स्वराशिपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
☊राहु | मीन(१२) | ३° २१' | उत्तरभाद्रपदा(१)-शनि | मृत | -- | सम | वक्री (R) |
☋केतु | कन्या(६) | ३° २१' | उत्तराफाल्गुनी(३)-सूर्य | मृत | -- | सम | वक्री (R) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।