
| वार | सोमवार |
मन कोमल र मायालु हुने। परिवार र आफ्ना मानिसप्रति गहिरो माया रहने र सम्बन्धमा शान्ति तथा आत्मीयता खोज्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २२ घण्टा ५४ मिनेट सप्तमी तिथि आइतबार राति ११:५० PM देखि सोमबार राति १०:४४ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | अश्विनी(३ पाउ) |
कुल अवधि: २३ घण्टा ३३ मिनेट अश्विनी नक्षत्र आइतबार साँझ ८:१३ PM देखि सोमबार साँझ ७:४६ PM सम्म अश्विनी नक्षत्रका स्वामी केतु हुन् र यसका देवता अश्विनी कुमार हुन्। यस नक्षत्रमा जन्मिएका व्यक्तिहरू ऊर्जावान्, फुर्तिला, साहसी र बुद्धिमान् हुन्छन्। १ पाउ आइतबार साँझ ८:१३ PM देखि सोमबार राति २:०६ AM सम्म (चू) २ पाउ राति २:०६ AM देखि बिहान ७:५९ AM सम्म (चे) ३ पाउ बिहान ७:५९ AM देखि दिउँसो १:५३ PM सम्म (चो)हालको पाउ ४ पाउ दिउँसो १:५३ PM देखि साँझ ७:४६ PM सम्म (ला) | |
| योग | शूल |
कुल अवधि: २१ घण्टा ५० मिनेट शूल योग आइतबार दिउँसो २:५५ PM देखि सोमबार दिउँसो १२:४४ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | बव |
कुल अवधि: ११ घण्टा ३३ मिनेट बव करण सोमबार बिहान ११:११ AM देखि सोमबार राति १०:४४ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | मेष |
कुल अवधि: ५३ घण्टा ३२ मिनेट मेष राशि आइतबार दिउँसो १:४२ PM देखि मंगलबार साँझ ७:१४ PM सम्म मेष राशिमा चन्द्रमा हुनाले, मङ्गल ग्रहले तपाईंलाई साहस, स्वतन्त्र स्वभाव र कार्यहरूमा अग्रसर हुने दृढ संकल्प प्रदान गर्दछ। | |
समग्र जीवन, शरीर र तात्कालिक आकाशीय ग्रह गोचर फल
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | १४° ५७' ४५" | स्वाति(३)- राहु | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | कर्कट | २०° १९' ५१" | आश्लेषा(२)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | मेष | ५° ४३' ३२" | अश्विनी(२)- केतु | बाल | दारककारक | सम | मार्गीउदय |
मङ्गल🪷 | सिंह | २२° ५७' २७" | पूर्वाफाल्गुनी(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बुध | सिंह | १७° ३१' ५४" | पूर्वाफाल्गुनी(२)- शुक्र | युवा | पुत्रकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २०° ०६' २३" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | मातृकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | २९° ५९' ०१" | आश्लेषा(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ११° ०७' ०९" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | ३° ४३' ५२" | अश्विनी(२)- केतु | बाल | -- | शत्रुदिग्बली | मार्गी |
केतु | तुला | ३° ४३' ५२" | चित्रा(४)- मङ्गल | बाल | -- | मित्र | मार्गी |