
| वार | मङ्गलवार |
साहस र जोश राम्रो हुने। दृढ सोचका साथ कठिनाइको सामना गर्ने र लक्ष्यतर्फ निरन्तर अघि बढ्ने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २० घण्टा ९ मिनेट पूर्णिमा तिथि सोमबार राति १०:२२ PM देखि मंगलबार साँझ ६:३१ PM सम्म पूर्णिमा (चन्द्र महिनाको अन्तिम दिन) का स्वामी चन्द्रमा हुन्। यो तिथि पूर्णता, समृद्धि र आध्यात्मिक आनन्दको प्रतीक हो। यस दिन सत्यनारायण पूजा र दान कार्य निकै शुभ मानिन्छ। | |
| नक्षत्र | उत्तराषाढा |
कुल अवधि: २१ घण्टा ५ मिनेट उत्तराषाढा नक्षत्र सोमबार दिउँसो १:२८ PM देखि मंगलबार बिहान १०:३३ AM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ दिउँसो १:२८ PM देखि साँझ ६:४४ PM सम्म (भे) २ पाउ सोमबार साँझ ६:४४ PM देखि मंगलबार राति १२:०० AM सम्म (भो) ३ पाउ राति १२:०० AM देखि बिहान ५:१६ AM सम्म (जा) ४ पाउ बिहान ५:१६ AM देखि बिहान १०:३३ AM सम्म (जी) | |
| योग | प्रीति |
कुल अवधि: १९ घण्टा ४८ मिनेट प्रीति योग सोमबार साँझ ५:३४ PM देखि मंगलबार दिउँसो १:२२ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | विष्टि |
कुल अवधि: १० घण्टा ६ मिनेट विष्टि करण सोमबार राति १०:२२ PM देखि मंगलबार बिहान ८:२८ AM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | मकर |
कुल अवधि: ४७ घण्टा १४ मिनेट मकर राशि सोमबार दिउँसो १२:४६ PM देखि बुधबार दिउँसो १२:०१ PM सम्म मकर राशिमा चन्द्रमा हुनाले, शनिदेवको प्रभावले तपाईंलाई अनुशासित जीवनशैली, कडा परिश्रम गर्ने बानी र उच्च कर्तव्यबोध प्रदान गर्दछ। | |
समग्र जीवन, शरीर र तात्कालिक आकाशीय ग्रह गोचर फल
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | ९° ५०' ५९" | स्वाति(१)- राहु | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | कर्कट | १४° ३५' २३" | पुष्य(४)- शनि | युवा | भ्रातृकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र🪷 | मकर | ७° १५' ६०" | उत्तराषाढा(४)- सूर्य | वृद्ध | ज्ञातिकारक | समपुष्करदिग्बली | मार्गीउदय |
मङ्गल | सिंह | १९° १२' ४४" | पूर्वाफाल्गुनी(२)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बुध | सिंह | १०° २३' ०४" | मघा(४)- केतु | कुमार | पुत्रकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बृहस्पति | मेष | १९° ३१' ३१" | भरणी(२)- शुक्र | वृद्ध | आत्मकारक | मित्र | मार्गीउदय |
शुक्र | सिंह | २° ४४' ४९" | मघा(१)- केतु | बाल | दारककारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ११° ३०' ४३" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | मातृकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | ४° १८' ०९" | अश्विनी(२)- केतु | बाल | -- | शत्रुदिग्बली | वक्री |
केतु | तुला | ४° १८' ०९" | चित्रा(४)- मङ्गल | बाल | -- | मित्र | वक्री |