
१० सेप्टेम्बर २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलागा एकादशी
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | वृश्चिक | १३° ४०' २१" | अनुराधा(४)- शनि | -- | -- | -- | -- |
सूर्य🪷 | सिंह | २३° ०६' ४५" | पूर्वाफाल्गुनी(३)- शुक्र | वृद्ध | आत्मकारक | स्वराशिपुष्करदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र🪷 | कर्कट | ०° ३९' ५६" | पुनर्वसु(४)- बृहस्पति | मृत | दारककारक | स्वराशिवर्गोत्तम पुष्कर | मार्गीउदय |
मङ्गल🪷 | कन्या | १४° ३९' ३७" | हस्त(२)- चन्द्र | युवा | पुत्रकारक | शत्रुपुष्कर | मार्गीउदय |
बुध | सिंह | १६° ०४' १२" | पूर्वाफाल्गुनी(१)- शुक्र | युवा | मातृकारक | मित्रवर्गोत्तम | वक्रीअस्त |
बृहस्पति🪷 | मेष | २१° २०' ३१" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | वक्रीउदय |
शुक्र | कर्कट | १८° ४४' ४६" | आश्लेषा(१)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | शत्रु | मार्गीउदय |
शनि | कुम्भ | ८° ३६' ४६" | शतभिषा(१)- राहु | कुमार | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | १° २५' ५२" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री |
केतु | तुला | १° २५' ५२" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री |