
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | धनु | २५° ३७' १०" | पूर्वाषाढा(४)- शुक्र | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | तुला | ८° ३६' ४८" | स्वाति(१)- राहु | कुमार | ज्ञातिकारक | नीच | मार्गी |
चन्द्र | मेष | ९° ४५' ३४" | अश्विनी(३)- केतु | कुमार | पुत्रकारक | सम | मार्गीउदय |
मङ्गल | कर्कट | २१° २६' ४५" | आश्लेषा(२)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | नीच | मार्गीउदय |
बुध🪷 | तुला | २६° २८' ४९" | विशाखा(२)- बृहस्पति | मृत | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | वक्रीउदय |
बृहस्पति | कर्कट | २९° २१' १६" | आश्लेषा(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | उच्च | मार्गीउदय |
शुक्र | तुला | ५° १३' ५४" | चित्रा(४)- मङ्गल | बाल | दारककारक | मूलत्रिकोण | वक्रीअस्त |
शनि | मीन | १५° २५' ५०" | उत्तरभाद्रपदा(४)- शनि | युवा | मातृकारक | सम | वक्रीउदय |
राहु | कुम्भ | ३° २३' ५०" | धनिष्ठा(४)- मङ्गल | बाल | -- | मित्र | वक्री |
केतु | सिंह | ३° २३' ५०" | मघा(२)- केतु | बाल | -- | शत्रु | वक्री |
पूर्णिमा (चन्द्र महिनाको अन्तिम दिन) का स्वामी चन्द्रमा हुन्। यो तिथि पूर्णता, समृद्धि र आध्यात्मिक आनन्दको प्रतीक हो। यस दिन सत्यनारायण पूजा र दान कार्य निकै शुभ मानिन्छ।